Monthly Archives: February 2020

आज के दौर में सामाजिक परिवेश तेजी से बदल रहा है

आज के दौर में सामाजिक परिवेश तेजी से बदल रहा है। हालत यह है कि तकनीक से दिग्भ्र्मित वर्तमान पीढ़ी को हमारे पुरातन सांस्कृतिक वैभव का कोई ज्ञान नहीं है। इसका सीधा असर एक घर और परिवार से लेकर पूरे समाज और राष्ट्र पर पड़ रहा है। वर्तमान दौर में इस पीढ़ी को तकनीक से दूर रखना भी इतना सहज नहीं है। ऐसे में मीडिया ब्रिज समूह समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए धर्म, संस्कृति और सामाजिक गतिविधियों पर केंद्रित डिजीटल चैनल आस्था न्यूज़ की शुरुआत की गई है। इस चैनल में हमारे सामाजिक परिवेश के साथ धर्म और संस्कृति की सम्पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। -निर्मल सिरोहिया

व्रत, त्यौहार, तिथि

वर्ष 2020 के मार्च माह की 25 तारीख यानि बुधवार को चैत्र शुक्ल पक्षप्रारंभ। इस दिन सूर्योदय सुबह 6 बजकर 26 मिनिट और सूर्यास्त शाम 06 बजकर 40 मिनिट पर होगा। यह दिन शक संवत 1942 एवं विक्रम संवत 2077 के तहत गणना किया जा रहा है। यह दिन चैत्र – अमान्त एवं पुरमान्त माह का फाल्गुन कहलाता है। इस दिन का नक्षत्र रेवती और योग ब्रह्म है। इस दिन का करण बव द्वितीय करण बालव है। इस दिन सूर्य में मीन राशि और चन्द्र में मीन राशि रहेगी। इस दिन प्रातः 12 बजकर 33 मिनिट से दोपहर 14 बजकर 04 मिनिट तक राहुकाल रहेगा।

भारत को विश्वगुरू बनाना है-भागवत

रांची। झारखंड की राजधानी रांची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान मोहन भागवत ने कहा कि RSS का विस्तार देश के लिए है, क्योंकि हमारा लक्ष्य भारत को विश्वगुरू बनाना है। मोहन भागवत ने कहा कि ‘संघ को बड़ा करना है, क्योंकि अपने देश को बड़ा करना है। विश्वगुरू देश बनाना है, क्योंकि इसकी आवश्यकता है। भारत को अपने लिए बड़ा नहीं बनना है।’
राष्ट्रवाद पर बोलते हुए संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि ‘राष्ट्रवाद का दुनिया में अच्छा अर्थ नहीं है। कुछ वर्ष पूर्व ब्रिटेन जाना हुआ। वहां कुछ बुद्धिजीवियों से मुलाकात होनी थी। उससे पहले 40-50 कार्यकर्ताओं से संघ के बारे में चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने कहा कि यहां बातचीत में शब्दों के अर्थ भिन्न हो जाते हैं, इसलिए आप राष्ट्रवाद शब्द का इस्तेमाल नहीं कीजिएगा, क्योंकि यहां राष्ट्रवाद का मतलब होता है हिटलर, नाजीवाद, फासीवाद। अब ऐसे ही यह शब्द बदनाम हुआ है। ‘भागवत ने कहा कि ‘आज की दुनिया को भारत की आवश्यकता है। कट्टरपंथी, पर्यावरण जैसी जो अनेक समस्याएं खड़ी होती हैं, जिसे लेकर दुनिया में अशांति है, इसे मानव ने खुद इजाद किया है।इसे लेकर राहत देने वाला कोई नहीं है। युद्धिष्ठिर के समय से भारत का स्वभाव दुनिया की कमी को पूरा करनेवाला रहा है। दुनिया को तो जोड़नेवाला तत्व पता ही नहीं है।’
पूर्व राष्ट्रपति प्रमब मुखर्जी से मुलाकात को याद करते हुए भागवत ने कहा कि ‘जब प्रणब दा राष्ट्रपति थे तो उनसे मिलने गया था। उन्होंने कहा कि हमारा देश ऐसा है जो विविधता को स्वीकार करता है। ये बात हमारे संविधान में है। ये इसलिए ऐसा नहीं हुआ कि हमारे संविधान निर्माता ऐसे थे, ऐसी हमारी परंपरा रही है। ये विविधता एक से ही निकली है। ‘भागवत ने जोर देते हुए कहा कि ‘हमें किसी से डर कर एक नहीं होना है। हम एक हैं इसलिए सबको एकसाथ आना है। हम अपने लिए नहीं जीते, एक दूसरे के लिए जीते । जो त्याग से जीएगा वो ही महान है।'(साभार)

महाशिवरात्रि की बधाई, शुभकामनाएं

नईदिल्ली। राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने देश वासियों को महाशिवरात्रि पर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने भी महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि शिवरात्रि भारत की आध्यात्मिक संस्कृति का पर्व है। उन्होंने कहा कि भगवान शंकर सभी देवों के आराध्य हैं। वे सृजन के देव है। कमल नाथ ने कहा कि महाशिवरात्रि सर्वाधिक महत्व का धार्मिक अवसर है, जब सभी समुदाय शिव भक्ति में रम जाते हैं। यह अवसर भक्तों को समर्पण भाव के साथ रचनात्मक काम करने की प्रेरणा देता है।

हर पंचायत मुख्यालय में गौ-शालाएं

छिंदवाड़ा। मध्यप्रदेश मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा है कि गौ-वंश के संरक्षण के साथ ही गौ-शालाएं ग्रामीण क्षेत्रों में आय वृद्धि का साधन बनें, सरकार इस लक्ष्य के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रदेश में हर पंचायत मुख्यालय में गौ-शालाओं का निर्माण किया जा रहा है। सरकार बनते ही हमने वचन-पत्र के इस वादे को पूरा किया है। कमल नाथ आज छिंदवाड़ा जिले के ग्राम उमरहर में 30 लाख रुपये लागत की आदर्श गौ-शाला का लोकार्पण कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गौ-संरक्षण के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि गौ-मूत्र और गोबर से जैविक खेती को बढ़ावा देने के साथ ही इनके विभिन्न उत्पादों के विपणन को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गौ-पालन से जुड़े लोगों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि वचन-पत्र के वादे के मुताबिक सरकार क्रमबद्ध तरीके से पूरे प्रदेश में गौ-शालाओं का निर्माण करा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छिंदवाड़ा जिले में 31 गौ-शालाएं बनाई जाएंगी।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास के लिए एक नए नजरिए और दृष्टिकोण के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास का आधार छिंदवाड़ा मॉडल को बनाया गया है। इस तर्ज पर सभी क्षेत्रों में विकास की पहल की गई है। रोजगार के लिए निवेश का एक नया माहौल बनाया गया है, जिसके परिणाम मिलने शुरु हो गए हैं। इसके लिए उद्योग स्थापना से जुड़ी प्रक्रियाओं को सुगम और सरल बनाया गया है। निवेशकों का इससे मध्यप्रदेश में विश्वास बढ़ा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं को रोजगार और स्व-रोजगार से जोड़ने के लिए शिक्षा के स्तर में व्यापक सुधार के प्रयास किये जा रहे हैं। साथ ही, किसानों और आम जनता की जरूरतों से जुड़ी योजनाएं बनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि घोषणाएं न करके यह सरकार जमीनी-स्तर पर काम करके जनता का विश्वास प्राप्त करना चाहती है।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री सुखदेव पांसे ने कहा कि सरकार आम जनता की आस्था को ध्यान में रखकर काम कर रही है। एक साल के कार्यकाल में वचन-पत्र के 365 बिन्दुओं को पूरा किया गया है। किसानों की ऋण माफी, बिजली बिल में राहत, दोगुनी पेंशन राशि के साथ ही कन्यादान योजना की राशि भी बढ़ाकर 51 हजार रुपये की गई है। सांसद नकुल नाथ ने कहा कि गौ सेवा हमारी परंपरा ही नहीं बल्कि कर्तव्य भी है। राज्य सरकार तेजी के साथ गौ-शालाओं का निर्माण करा रही है। गौ-वंश संरक्षण एवं संवर्धन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे हमारे प्रदेश का हर ग्राम मथुरा, वृंदावन वन जाएगा।