Monthly Archives: March 2021

Vastu Tips: चुटकी भर नमक से दूर होगी घर की वास्तु संबंधी कई दिक्कतें, ऐसे करें यूज

नमक के बिना हम अपने खाने के स्वाद की कल्पना भी नहीं कर सकते. है ना! बिना नमक (Salt) का खाना कितना बेस्वाद होता है, ये तो आपने भी कभी न कभी जरूर महसूस किया होगा. हमारे किचन की सबसे अहम सामग्रियों में से एक नमक की वास्तु शास्त्र (Vastu Shastra) में भी अहम भूमिका है. ज्योतिष शास्त्र और वास्तु एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चुटकी भर नमक घर की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को दूर कर घर में पॉजिटिव माहौल बनाता है, जिससे सुख-समृद्धि आती है, मानसिक शांति बनी रहती है, पैसों की दिक्कत दूर होती है और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी माहौल बेहतर रहता है. वास्तु शास्त्र में नमक का इस्तेमाल कैसे किया जा सकता है यहां जानें.

वास्तु शास्त्र में नमक का महत्व

1. घर में सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का माहौल बना रहे, नकारात्मकता दूर हो और परिवार के सदस्यों के बीच क्लेश और झगड़े ना हों, इससे बचने के लिए घर में जब भी पोंछा लगाएं तो उस पानी में चुटकी भर नमक डाल दें. नमक वाले पानी से घर में पोंछा लगाने से पॉजिटिव एनर्जी आती है जिससे परिवार के सदस्यों के बीच रिश्ते बेहतर होते हैं.

2. आप अपने घर में किचन में नमक को किस बर्तन में रखते हैं इसका भी वास्तु पर काफी प्रभाव पड़ता है. लिहाजा नमक को कभी भी स्टील या लोहे के बर्तन में नहीं रखना चाहिए. नमक को हमेशा कांच के बर्तन (Glass Jar) या जार में ही रखें. ऐसा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और आर्थिक दिक्कतें भी नहीं आती. आप चाहें तो नमक के जार में 1 लौंग भी डाल सकते हैं.

3. कई बार राहु (Rahu) के नकारात्मक प्रभाव के कारण भी घर में निगेटिव ऊर्जा का संचार होने लगता है जिसकी वजह से परिवार के सदस्य बीमार रहने लगते हैं. इससे निपटने के लिए कांच की कटोरी में सेंधा नमक की डलियां भरकर बाथरूम में रखना चाहिए. हर 15 दिन में 1 बार इस नमक को बदलते रहें. ऐसा करने से राहु के निगेटिव असर को दूर करने में मदद मिलती है. 

4. अगर आपको मानसिक शांति नहीं मिल रही, किसी वजह से तनाव और स्ट्रेस (Stress) बहुत अधिक हो गया है, काम में मन नहीं लग रहा तो इसमें भी आपकी मदद कर सकता है नमक. इसके लिए अपने नहाने के पानी में चुटकी भर नमक मिलाएं और उससे नहाएं. आप चाहें तो रात में सोने से पहले नमक वाले पानी से हाथ-पैर धो सकते हैं. ऐसा करने से तनाव दूर होता है और अच्छी नींद आती है.

Saptahik Rashifal: इस राशि वाले एक स्वार्थी व आलसी युवती से बचें, जानिए सभी 12 राशियों का साप्ताहिक भविष्यफल

नजरिए व प्राथमिकताओं में बदलाव के साथ ही व्यावसायिक परिस्थितियों व निजी संबंधों में ताजगी का अनुभव करेंगे। पुरानी समस्याओं का नए नजरिए से हल सुनिश्चित करेंगे। दिमाग के बजाय दिल की सुनें। ग्रहों की स्थिति में परिवर्तन के साथ प्रबल बदलावों का योग बन रहा है। अतीत को भुलाकर आगे बढ़ना कठिन होगा, पर इस तकलीफ से गुजरना जरूरी है, तभी तरक्की के नए अनुभवों से साक्षात्कार होगा। शुभ अंक: 13 शुभ रंग: क्रिमसनवृष (21 अप्रैल-21 मई): अपने कौशल का इस्तेमाल करते हुए सफलता व भौतिक लाभ प्राप्त करेंगे। पेशे व सामाजिक दृष्टि से यह उत्साहजनक समय है। व्यावसायिक जीवन में नए अवसर प्राप्त होंगे। खेलों, थिएटर व यात्रा में व्यस्त रहेंगे। दूरदराज से सुखद समाचार या मेहमान दस्तक दे सकते हैं। निजी संबंधों में प्रेम रहेगा। आपके द्वारा कही गई बातें,गलत रूप ले सकती हैं। इसलिए शब्दों पर नियंत्रण रखें। साथी संग अलौकिक जुड़ाव महसूस करेंगे।

शुभ अंक: 14 शुभ रंग: पीकॉक ब्लूमिथुन (22 मई-21 जून) : प्रेम संबंधों के कल्पनालोक से बाहर निकलें। पुरानी यादों से निकलकर असल जिंदगी व संबंधों को स्वीकार करें। प्रेम का आधार निर्भरता व जरूरत नहीं, बल्कि यह स्वयं के परिष्कार, स्वतंत्रता व परिपक्वता से आकार लेता है। जितना प्रेम दूसरों में बांटेंगे, वही लौटकर जीवन में आएगा। आप सामने प्रस्तुत लक्ष्यों के लिए जीतोड़ परिश्रम में जुटे हैं। दूसरों की अपेक्षाओं का भार ओढ़ने के बजाय अपने मुक्त रूप को अंगीकार करें। शुभ अंक: 6 शुभ रंग: ब्लू

कर्क (22 जून-22 जुलाई): अवकाश से लौटने के बाद ऊर्जावान महसूस करेंगे। खेलों व विभिन्न कार्यों में व्यस्त रहेंगे। आपको बहुत कुछ देखना व अर्जित करना है। आलस्य से बचें। वित्तीय लेन-देन सुचारू रहेगा। कोई प्रिय शख्स जीवन में खुशी लेकर आएगा। स्वास्थ्य की अनदेखी न करें। काम व खान-पान के अतिरेक से बचें। पारिवारिक समस्या के हल के लिए नजरिए में बदलाव लाएंगे। अपनी खुशियों को दूसरों से साझा करें। शुभ अंक: 9 शुभ रंग: लोटर्स ंपक

सिंह (23 जुलाई-23 अगस्त): संबंधों की अहमियत को आप बखूबी समझते हैं। स्वजनों संग सुखद वक्त बिताएंगे। पारिवारिक व सामाजिक मेलजोल के अवसरों पर खान-पान व मौज-मस्ती पर संयम रखें। एक स्वार्थी व आलसी युवती से बचें। वह आपके अच्छे बर्ताव का फायदा उठा सकती है। सुख-सुविधा के साधनों व स्टाइल पर खर्च करेंगे। रोमांच के क्षणों का आनंद उठाने के लिए आप तैयार हैं। व्यावसायिक मामलों में भावुकता को आड़े न आने दें।

शुभ अंक: 9 शुभ रंग: स्काई ब्लूकन्या (24 अगस्त-23 सितंबर): निजी संबंधों में प्रेम व संतुष्टि का भाव रहेगा। आध्यात्मिकता की नींव पर पनपी रचनात्मकता से भौतिक लाभ व भावनात्मक उत्कर्ष प्राप्त करेंगे। व्यावसायिक जिम्मेदारी आपको काबिलियत साबित करने व सम्मान अर्जित करने का मौका देगी। कला संबंधी गतिविधियों में रुचि लेंगे। दूरदराज से कोई समाचार अथवा मेहमान दस्तक दे सकते हैं। कर्क राशि का शख्स आपके प्रति अपनी खास भावनाओं का इजहार करेगा। शुभ अंक: 3 शुभ रंग: पोमग्रेनेट रेड

शुभ अंक: 9 शुभ रंग: स्काई ब्लूकन्या (24 अगस्त-23 सितंबर): निजी संबंधों में प्रेम व संतुष्टि का भाव रहेगा। आध्यात्मिकता की नींव पर पनपी रचनात्मकता से भौतिक लाभ व भावनात्मक उत्कर्ष प्राप्त करेंगे। व्यावसायिक जिम्मेदारी आपको काबिलियत साबित करने व सम्मान अर्जित करने का मौका देगी। कला संबंधी गतिविधियों में रुचि लेंगे। दूरदराज से कोई समाचार अथवा मेहमान दस्तक दे सकते हैं। कर्क राशि का शख्स आपके प्रति अपनी खास भावनाओं का इजहार करेगा। शुभ अंक: 3 शुभ रंग: पोमग्रेनेट रेड

तुला (24 सितंबर-23 अक्टूबर): ईश्वरीय ताकतों का साथ पाकर व्यक्तिगत तरक्की व रचनात्मकता को गति देंगे। प्राथमिकताओं का गहन अवलोकन भीतरी ऊर्जा के स्रोत से रूबरू कराएगा। नई शुरुआतें करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। दिल को छू लेने वाला अनुभव साथी के करीब ले जाएगा। जिस अवसर की लंबे समय से तलाश में थे, उसकी अनदेखी न करें। ऐसे कार्यों पर अमल व निर्णय सुनिश्चित करेंगे, जिनसे भविष्य की दिशा बदलेगी। शुभ अंक: 1 शुभ रंग: फ्लेम ऑरेंज

वृश्चिक (24 अक्टूबर-22 नवंबर): घर व कार्यस्थल पर नई शुरुआत करने के अवसर बनेंगे। हालांकि इसे लेकर विस्मय भी महसूस करेंगे कि आपके बढ़ते कदम किस राह पर ले जाएंगे। इस मार्ग में चुनौतियां भी पेश आएंगी। सप्ताहांत में निजी संबंधों व व्यावसायिक साझेदारी को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी। संपत्ति में निवेश कर सकते हैं। जश्न के मौके बनेंगे। जीवन में प्रेम की दस्तक होगी। कोई शख्स आपकी ओर आकर्षित होगा। विनोदप्रियता कायम रखें।शुभ अंक: 14 शुभ रंग: क्रीमी व्हाइट

धनु (23 नवंबर-23 दिसंबर): व्यावसायिक व निजी जीवन में कुछ अप्रत्याशित बदलाव होंगे। किसी भी परिस्थिति का साहस व मजबूती के साथ सामना करने में आप सक्षम हैं। बदलावों का स्वागत करने के अलावा आपके पास कोई विकल्प नहीं है। सुरक्षा कवच को चुनौती मिलने पर मंथन आवश्यक है। आप नए अनुभवों के लिए तैयार हैं। इस क्रम में प्राथमिकताओं व नजरिए में बदलाव आएगा। संतुलित खान-पान व व्यायाम पर ध्यान केंद्रित करेंगे। शुभ अंक: 16 शुभ रंग: फायरी रेड

मकर (24 दिसंबर-20 जनवरी): निजी संबंधों में आनंद रहेगा व भौतिक लाभ के योग बनेंगे। संवाद व स्नेह से स्वजनों व मित्रों के बीच गलतफहमियां दूर होंगी व पुराने घाव भरेंगे। आप अहम अंदरूनी बदलाव के मोड़ पर हैं, ऐसे में आनंद के साथ कुछ चिंताएं रहेंगी। खान-पान व भावुकता के अतिरेक से बचें। बाह्य जीवन के बदलावों से आप संतुष्ट हैं, अब अंतर्मन को समझने का यत्न करें। सांसारिक उपलब्धियों के मोह से निकलकर वह करें जो दिल कहे। शुभ अंक: 4 शुभ रंग: गोल्डन यलो

कुंभ (21 जनवरी-19 फरवरी): घर व कार्यस्थल की परिस्थितियों पर नियंत्रण रखने के तरीके आपने निर्मित कर लिए हैं, लेकिन वे आपकी सीमाओं व तनाव का सबब भी हैं। नियंत्रण खोने का डर लोगों से आपके जुड़ाव व तरक्की को रोकता है। परिस्थितियों को वश में करने का मोह त्यागकर जीवन के प्रवाह के साथ बहें व प्रत्येक अनुभव का आनंद लें। कुछ गलत होने पर व्यथित न हों। गलतियां ही सही राहों की ओर मोड़ती हैं। नए विचारों को अभिव्यक्ति देंगे। शुभ अंक: 6 शुभ रंग: टरक्वायज

मीन (20 फरवरी – 20 मार्च): अपने अंतस के सच व बाह्य भूमिकाओं का अवलोकन करें। जरूरत के अनुरूप आप मुखौटा बदलते हैं। अंतत: महसूस करेंगे कि लोगों को प्रभावित करने के लिए किसी मुखौटे की जरूरत नहीं, बल्कि सच्चाई ही पर्याप्त है। कौशल निखारने पर जोर दें। जो कार्य पूर्ण होने ही वाले हैं, उन्हें अधूरा छोड़ने से बचें। साथी के प्रति प्रेम जताएं व ईमानदार बनें। सड़क यात्रा का योग है। खुद पर भरोसा रखें, सफलता मिलेगी।शुभ अंक: 7 शुभ रंग: फॉरेस्ट ग्रीन

Mahashivratri 2021: महाशिवरात्रि पर बन रहा कल्याणकारी शिवयोग, ये है समय और पूजा की विधि

 महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में पूरे उत्साह व आस्था के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। शिव भक्त पूरे विधि-विधान के साथ इस दिन भगवान शिव की पूजा करते हैं। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व इसलिए भी खास है क्योंकि इस दिन एक विशेष योग बन रहा है। इस दिन सुबह 09.22 मिनट तक महान कल्याणकारी शिवयोग है। इसके थोड़ी देर बाद ही सिद्धयोग शुरू होगा, जो सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला होगा।

शिवयोग इसलिए है महत्वपूर्ण

शिवयोग ऐसा योग है जिसे शिवजी से आशीर्वाद प्राप्त माना जाता है। इस योग में कोई भी कार्य बाधित नहीं होता है और बिना किसी अड़चन के सफल हो जाता है। कार्य का सुपरिणाम कभी निष्फल नहीं रहेगा। ऐसे में मान्यता है कि इस योग में जो भी शुभ कार्य किया जाता है उसका फल अक्षुण रहता है।

सिद्ध योग में करें कार्य सिद्धि

शिवयोग के थोड़ी देर बार सिद्ध योग लगेगा। इसमें कोई कार्य शुरू करके कार्यसिद्धि प्राप्त की जा सकती है। जब यह योग हों तो भक्तों को रुद्राभिषेक, शिव कीर्तन, शिवपुराण का पाठ करना, शिव कथा सुनना, दान पुण्य करना और ज्योतिर्लिंगों के दर्शन आदि करना शुभ रहता है। इन योगों में पूजा पाठ करना शुभ माना जाता है। साथ ही यह भी मान्यता है कि कुंवारी कन्याएं अगर व्रत करें तो उन्हें मनचाहा वर प्राप्त होता है और विवाहित स्त्रियों का वैधव्य दोष भी दूर हो जाता है।

ऐसे करें भगवान शिव की पूजा

– महाशिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा की जानी चाहिए।

– शिवलिंग की पूजा करते हुए काल हरो हर, कष्ट हरो हर, दुःख हरो,दारिद्र्य हरो, नमामि शंकर भजामि शंकर शंकर शंभो तव शरणं मंत्र का जाप करना चाहिए।

– शिवलिंग पर बेलपत्र चढ़ाने से व्यक्ति के व्यापार में उन्नति होती है।

Maha Shivaratri 2021: कल्याणकारी ‘शिवयोग’ मेंं करें शिव की पूजा, इन दोषों से मिलेगी मुक्ति

(रंजन दवे, जोधपुर) हिंदू पंचांग के अनुसार शिवरात्रि के दिन बेहद खास माना जाता है। इस दिन भक्त भोलेनाथ की पूजा और व्रत करते हैं। हर साल यह पर्व फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार महाशिवरात्रि पर शिव योग के साथ घनिष्ठा नक्षत्र होगा और चंद्रमा मकर राशि में रहेंगे। महाशिवरात्रि पर्व में रात्रि की प्रधानता रहती है। इस कारण 11 मार्च को महाशिवरात्रि पर्व मनाना शास्त्र सम्मत होगा। पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान के निदेशक ज्योतिषाचार्य अनीष व्यास ने बताया कि इस दिन सुबह 09 बजकर 22 मिनट तक महान कल्याणकारी ‘शिवयोग’ रहेगा। उसके बाद सभी कार्यों में सिद्धि दिलाने वाला ‘सिद्धयोग’ आरम्भ हो जाएगा।

अनीष व्यास ने बताया कि चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 11 मार्च को दोपहर 2 बजकर 39 मिनट से शुरू होकर अगले दिन 12 मार्च को दोपहर 3 बजे बजकर कर 2 मिनट तक रहेगी। महाशिवरात्रि का निशीथ काल 11 मार्च को रात 12 बजकर 6 मिनट से 12 बजकर 55 मिनट तक रहेगा।